लालची शेर Lalachi Sher ki Kahani

लालची शेर Lalachi Sher ki Kahani

लालची शेर Lalachi Sher ki Kahani
लालची शेर Lalachi Sher ki Kahani

Lalachi Sher ki Kahani

एक जंगल में एक शेर रहता था। अक्सर वह अपनी भूख मिटाने के लिए जंगल के जानवर को खा जाता था. एक दिन उसे बहुत भूख लगी। वह गुफा से बाहर आया और किसी जानवर की तलाश करने लगा। उसे दूर एक पेड़ के नीचे एक खरगोश दिखाई दिया। वह पेड़ की छाया में मज़े से खेल रहा था। शेर खरगोश को पकड़ने के लिए आगे बढ़ा। खरगोश ने शेर को अपनी ओर आते हुए देखा, तो वह जान बचाने के लिए भागने लगा।


शेर ने उसका पीछा किया और लपककर उसे धर दबोचा। शेर ने ज्यों ही मारने के लिए पंजा उठाया कि उसकी निगाह हिरन पर पड़ी। उसने सोचा कि इस नन्हे खरगोश से मेरा पेट नहीं भर सकता। इससे तो हिरन ही अच्छा रहेगा।


खरगोश और कछुआ Khargosh aur Kachhua ki Kahani


शेर ने खरगोश को छोड़ दिया। वह हिरन का पीछा करने लगा। हिरन ने शेर को देखा, तो जोर -जोर से छलांग लगाता हुआ भाग खड़ा हुआ। शेर हिरन को नहीं पकड़ सका। उसके पीछे भागते -भागते शेर थककर चूर हो गया। अंत में उसने हिरन का पीछा करना छोड़ दिया। खरगोश भी हाथ से गया और हिरन भी उसे नहीं मिला।

अब शेर खरगोश को छोड़ देने के लिया पछताने लगा।

सीख : लालची शेर Lalachi Sher ki Kahani

कभी भी हमें लालच नहीं करना चाहिए. लालच बुरी बला होता है. जितना मिले उसमे संतोष कर ले लेना चाहिए.

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