Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती
Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

Durga Aarti Lyrics दुर्गा आरती Lyrics in Hindi

माँ दुर्गा को शक्ति का अवतार माना जाता है, इन्हें कई नाम से पुकारा भी जाता है अम्बा, काली, शक्ति, महिषासुर वर्धानी, आदि, माँ दुर्गा के लिए ही दसहरा त्यौहार को मनाया जाता है. इस दिन ९ दिन माँ दुर्गा के अलग अलग रूप कि पूजा होती है.

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी. ॐ जय अम्बे…

मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को
उज्जवल से दो नैना चन्द्र बदन नीको. ॐ जय अम्बे…

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे
रक्त पुष्प दल माला कंठन पर साजे. ॐ जय अम्बे…

केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी. ॐ जय अम्बे…

कानन कुण्डल शोभित नासग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर राजत सम ज्योति. ॐ जय अम्बे…

शुम्भ निशुम्भ विडारे महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती. ॐ जय अम्बे…

चण्ड – मुंड संहारे सोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोऊ मारे सुर भयहीन करे.ॐ जय अम्बे…

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी. ॐ जय अम्बे…

चौसठ योगिनी मंगल गावत नृत्य करत भैरु
बाजत ताल मृदंगा और बाजत डमरु. ॐ जय अम्बे…

तुम ही जग की माता तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुःख हरता सुख सम्पत्ति कर्ताॐ जय अम्बे…

भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी
मन वांछित फ़ल पावत सेवत नर-नारी. ॐ जय अम्बे…

कंचन थार विराजत अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत कोटि रत्न ज्योति. ॐ जय अम्बे…

श्री अम्बे जी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपत्ति पावे. ॐ जय अम्बे…

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आपको सुख , समृद्धि , शक्ति दे. यह आरती Ma Durga Aarti माँ दुर्गा के शक्ति, भक्ति को दर्शता है.

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa
Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥

शशि ललाट मुख महाविशाला।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे।
दरश करत जन अति सुख पावे॥

तुम संसार शक्ति लै कीना।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥

प्रलयकाल सब नाशन हारी।
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥

रूप सरस्वती को तुम धारा।
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥
धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।
परगट भई फाड़कर खम्बा॥

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
श्री नारायण अंग समाहीं॥

क्षीरसिन्धु में करत विलासा।
दयासिन्धु दीजै मन आसा॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
महिमा अमित न जात बखानी॥

मातंगी अरु धूमावति माता।
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥

केहरि वाहन सोह भवानी।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥
कर में खप्पर खड्ग विराजै।
जाको देख काल डर भाजै॥

सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगरकोट में तुम्हीं विराजत।
तिहुंलोक में डंका बाजत॥

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।
रक्तबीज शंखन संहारे॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥

रूप कराल कालिका धारा।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ संतन पर जब जब।
भई सहाय मातु तुम तब तब॥

अमरपुरी अरु बासव लोका।
तब महिमा सब रहें अशोका॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥

प्रेम भक्ति से जो यश गावें।
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥
शंकर आचारज तप कीनो।
काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप का मरम न पायो।
शक्ति गई तब मन पछितायो॥

शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो।
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावें।
रिपू मुरख मौही डरपावे॥

शत्रु नाश कीजै महारानी।
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥
करो कृपा हे मातु दयाला।
ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला।

जब लगि जिऊं दया फल पाऊं ।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥
दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।
सब सुख भोग परमपद पावै॥
देवीदास शरण निज जानी।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥

दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa
Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

Ma Durga Aarti माँ दुर्गा आरती दुर्गा चालीसा Durga Chalisa

namo namo durge sukh chaahie.
namo namo durge duhkh haranee dur
nirankaar tumhaara hai.
tihun lok phalee ujiyaaree lee

shashi lalaat pramukh mahaavihaar
laal laal bhrkutee vikaraala ut
roop maatu ko adhik suhaave.
darash karat jan ati sukh paave ati

aap sansaar shakti lai keena.
paalan ​​hetu ann dhan deena dee
annapoorna huee jag paala.
aap hee aadi sundaree baala ree

pralayakaal sab naashan hari.
tum gauree shivashankar pyaaree nkar
shiv yogee aapare gun gaaven.
brahma vishnu tu nit dhyaaven tumhen

roop sarasvatee ko tum dhaara.
de subuddhi rshi munin ubar shi
dharayo roop narasinh ko amba.
paragat bhee phaadakar khamba pha

raksha kari prahalaad bachaayo.
hiranyaaksh ko svarg paatayo ko
lakshmee roop dharo jag maaheen.
shree naaraayan ang sama samaan ang

ksheerasindhu mein karat vilaasa.
dasinhadhu deejai man aasa dee
hingalaaj mein tum hee bhavaanee.
mahima amit na jaat bakhaanee ta

maangee aru dhumaavatee maata.
bhuvaneshvaree bagala sukh daata bag
shree bhairav taara jag taarinee.
chhinn bhaashy bhav duhkh nivaarinee h

kehari vaahan soh bhavaanee.
laangur veer chalat agavaanee ta
kar mein khappar khadg viraajai.
jaako dekh kaal dar baayai bhaaj

sohai astr aur trishoola.
jao uthat shatru hiy shoola u
nagarakot mein aap hee viraajat.
tihunalok mein danka baajat ok

shumbh nishumbh daanav tum maare gae.
raktabeej shankhan sanhaare nkh
mahishaasur nrp ati abhimaanee.
jehi agh bhaar mahee akulaanee bhaar

roop karaal kaalika dhaara.
sen sahit tum tihi kodaara i
paree gaadh santan par kab kab.
bhee sahaayata maatu tum tab aatu

amarapuree aru baasav loka.
tab mahima sab raho ashok o
jvaala mein aapakee jad hai.
tumhen sada poojen nar-naaree nar

prem bhakti se jo yash gaaven.
duhkh daaridr nikat naveen jins i
dhyaave tumhen jo nar man laee.
janm-maran taakau paridhi jaee ka

jogee sur muni kahat pukaaree.
yog na ho bin shakti tumhaaree tumhaaree
shankar aachaaraj tap keeno.
kaam aru krodh jeeti sab leeno ti

nishidin dhyaan dharo shankar ko.
kaahu kaal naveen sumiro tumako in
shakti roop ka maram na paayo.
shakti chalee tab man pachhitaayo chh

sharanaagat huee keerti bakhaanee.
jay jay jay jagadamb bhavaanee mb
bhee prasann aadi jagadamba.
daee shakti naveen keen vilamba kee

moko maatu kasht ati ghero.
tum bin kaun harai duhkh mero du
aasha trn nipat sataaven.
ripu muvar mauhee darapaave hee

shatru naash keejai mahaaraanee.
sumiraun ikachit tu bhavaanee ik
krpa karo he maatu dayaala.
rddhi-siddhi dai karahu nihaala.

jab lagi jiun daya phal paoon.
tuharo yash main sad sunaoon main
durga chaaleesa jo koee gaavai.
sab sukh bhog paramapad paavai pa
deveedaas reph praivet honee chaahie.
karahu krpa jagadamb bhavaanee da

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