save tiranga About national flag of india

save tiranga About national flag of india

17553 – Save Tiranga झंडे का सम्मान… More than Flag Save By Us…

Flag Counting: Last Update on 08/05/2022

Save Tiranga is our responsibility – About national flag of india

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Save tiranga is our responsibility | about national flag of india | national flag of india

भारतीय तिरंगे झंडे की विशेषता – national flag of india

केशरिया रंग: देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है.

श्वेत रंग : शांति और सत्य का प्रतिक है.

हरा रंग : समवृद्धि, हरियाली, और भूमि की पवित्रता को दर्शाता है.

२४ तीली वाला अशोक चक्र: जीवन गतिशील रहे है समय के अनुसार समय के साथ चलें.

भारत का राष्ट्रध्वज तिरंगा हर भारतीय की शान है मान है सम्मान है. तिरंगे झंडे को फहराना हर भारतीय में गर्व का एहसास करता है और यही वजह है की हम हमारे राष्ट्रीय त्योहार १५ अगस्त व २६ जनवरी या कोई भी राष्ट्रीय त्योहार हो हम तिरंगे झंडे को बड़ी ही शान से फहराते है. घर में, ऑफिस , नगर, शहर हर जगह इस तिरंगे की गरिमा को फहराता देख अनुभव कर सकते है. यहाँ तक की हम अपने शर्ट की जेब पर लगाकर तिरंगे के त्याग, बलिदान का अनुभव करते है.

national flag of india -India first flag

परंतु हम शायद अपने इस ख़ुशी के इजहार को सिर्फ कुछ दिन और कुछ समय के लिए ही रख पाते है. बस समय ख़त्म देशभक्ति ख़त्म. और वह तिरंगा जो हमारी शान बनी थी अगली सुबह सड़क पर, कीचड़ में, गली के किसी कोने में हमरी देशभक्ति पड़ी मिलती है. तो क्या देशभक्ति कुछ समय के लिए ही होती है. इसलिए हमने यह ठाना की जो भी तिरंगा सड़क पर, कीचड़ में गिरा मिले उसे हम संभालकर कर रखेंगे और उसकी गरिमा बनाये रखेंगे. यह काम हम पिछले २००७ से कर रहे है, और अब तक हजारों तिरंगे झंडे को संभालकर रखे है.

Save tiranga is our responsibility
Save tiranga is our responsibility – about indian flag

जब झंडा क्षतिग्रस्त है या मैला हो गया है तो उसे अलग या निरादरपूर्ण ढंग से नहीं रखना चाहिए, झंडे की गरिमा के अनुरूप विसर्जित / नष्ट कर देना चाहिए या जला देना चाहिए।

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ध्वज संहिता – Save tiranga is our responsibility – India ka flag

२६ जनवरी २००२ को भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया गया और स्वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों आदि संस्थानों में न केवल राष्ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के फहराने की अनुमति मिल गई। अब भारतीय नागरिक राष्ट्रीय झंडे को कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते है, बशर्ते कि वे ध्वज की संहिता का कड़ाई से पालन करें और तिरंगे के सम्मान में कोई कमी न आने दें।

सुविधा की दृष्टि से भारतीय ध्वज संहिता, २००२ को तीन भागों में बांटा गया है। संहिता के पहले भाग में राष्ट्रीय ध्वज का सामान्य विवरण है। संहिता के दूसरे भाग में जनता, निजी संगठनों, शैक्षिक संस्थानों आदि के सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन के विषय में बताया गया है। संहिता का तीसरा भाग केन्द्रीय और राज्य सरकारों तथा उनके संगठनों और अभिकरणों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन के विषय में जानकारी देता है।नियम व विनियम.

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ध्वज को फहराने का नियम -The national flag of india was designed by

२६ जनवरी २००२ विधान पर आधारित कुछ नियम और विनियमन हैं कि ध्वज को किस प्रकार फहराया जाए :

  • राष्ट्रीय ध्वज को शैक्षिक संस्थानों (विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल परिसरों, स्काउट शिविरों आदि) में ध्वज को सम्मान की प्रेरणा देने के लिए फहराया जा सकता है। विद्यालयों में ध्वज-आरोहण में निष्ठा की एक शपथ शामिल की गई है।
  • किसी सार्वजनिक, निजी संगठन या एक शैक्षिक संस्थान के सदस्य द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अरोहण/प्रदर्शन सभी दिनों और अवसरों, आयोजनों पर अन्यथा राष्ट्रीय ध्वज के मान सम्‍मान और प्रतिष्‍ठा के अनुरूप अवसरों पर किया जा सकता है।
  • नई संहिता की धारा (२) में सभी निजी नागरिकों अपने परिसरों में ध्वज फहराने का अधिकार देना स्‍वीकार किया गया है।
  • इस ध्वज को सांप्रदायिक लाभ, पर्दें या वस्‍त्रों के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है। जहां तक संभव हो इसे मौसम से प्रभावित हुए बिना सूर्योदय से सूर्यास्‍त तक फहराया जाना चाहिए।
  • इस ध्वज को आशय पूर्वक भूमि, फर्श या पानी से स्‍पर्श नहीं कराया जाना चाहिए। इसे वाहनों के हुड, ऊपर और बगल या पीछे, रेलों, नावों या वायुयान पर लपेटा नहीं जा सकता।
  • किसी अन्‍य ध्वज या ध्वज पट्ट को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचे स्‍थान पर लगाया नहीं जा सकता है। तिरंगे ध्वज को वंदनवार, ध्वज पट्ट या गुलाब के समान संरचना बनाकर उपयोग नहीं किया जा सकता।

अधिक जानकारी भारतीय ध्वज संहिता में देखी जा सकती है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज भारत के नागरिकों की आशाएं और आकांक्षाएं दर्शाता है। यह देश के राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। 

Save tiranga is our responsibility इस पोस्ट के माध्यम से बस हम इतना ही बताना चाहते है जिस तिरंगे के लिए लाखो वीरों ने देश के लिए कुर्बान हुए आज उन्ही के धरोहर का हम सम्मान नहीं कर सकते तो हमे तिरंगे को छूने का भी अधिकार नहीं. है.

Save tiranga is our responsibility इस अभियान के तहत हमारी टीम हर वर्ष करीब हजारों तिरंगे झंडे सडक पर से उठाते है. इसका मतलब साफ है ऐसे लोगो के दिलों में देश के प्रति कोई प्यार नहीं.

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Save Tiranga is our responsibility

आप इस तिरंगे झंडे को सीने पर लगाकर गर्व करते हो, मैं इसे सड़क, गली, कीचड़ पर से उठाकर गर्व करता हूँ। जय हिंद। यदि इस तिरंगे के बोझ को उठा नहीं सकते तो खरीदा भी मत करो।

Ramesh Kahar

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