Baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita

baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita

baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर…क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं हैपर सच कहता हूँ मुझमे कोई … Read more

एक बुढा पेड़ और हमारे माता पिता

एक बुढा पेड़ और हमारे माता पिता

Ek budha ped aur hamare mata pita mata pita एक बुढा पेड़ और हमारे माता पिता एक बुढा पेड़ और हमारे माता पिता – एक बार इस लेख को जरुर पढ़े, और इसके मर्म को जाने, पेड का उदाहरण देकर माता पिता अनछुए बातों को दर्शाया है, माता पिता का … Read more

वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो Poem on Tree

वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो Poem on Tree

वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो Poem on Tree Poem on Importance of Tree इस आधुनिक युग में हम बेकसूर पेड़ों को काटे जा रहे है जिसके परिणाम हम अब महसूस भी करने लगे है.यह कविता में वृक्ष मनुष्य से निवेदन कर रहा उसे मत काटो मत छाल उतारो…. वृक्ष … Read more

Khud ko aaina dikhana खुद को आइना दिखाना

खुद को आइना दिखाना Khud ko aaina dikhana

खुद को आइना दिखाना Khud ko aaina dikhana यह कविता खुद को कमजोर समझ हाथ पर हाथ रखे जो खुद को बर्बाद करते रहते है. अपना कीमती समय बेकार कि सोच में बर्बाद करते है वैसे लोगो के लिए है. खुद को आइना दिखाना Khud ko aaina dikhana motivational poems … Read more

व्यापारी व मक्खियाँ Vyapari Aur Makkhiyo ki Kahani

व्यापारी व मक्खियाँ Vyapari Aur Makkhiyo ki Kahani

व्यापारी व मक्खियाँ Vyapari Aur Makkhiyo ki Kahani व्यापारी व मक्खियाँ Vyapari Aur Makkhiyo ki Kahani एक बार एक व्यापारी अपने ग्राहक को शहद बेच रहा था। तभी अचानक व्यापारी के हाथ से फिसलकर शहद का बर्तन गिर गया । बहुत सा शहद भूमि पर बिखर गया । जितना शहद … Read more