Maa Par Kavita in Hindi | माँ पर कविता | Poem about Mother in Hindi

Maa Par Kavita in Hindi | माँ पर कविता | Poem about Mother in Hindi

Maa Par Kavita in Hindi | माँ पर कविता | Poem about Mother in Hindi Poem about Mother in Hindi – इस पोस्ट में माँ पर आधारित कुछ माँ पर कविता को इकट्ठा किया हैं. यह Maa Par Kavita in Hindi बहुत ही लोकप्रिय कविता हैं. जिसमे शैलेश लोढ़ा, सुनील … Read more

Koi deewana kehta hai lyrics Kumar Vishwas ki Kavita

Koi deewana kehta hai lyrics Kumar Vishwas ki Kavita

Koi deewana kehta hai lyrics Kumar Vishwas ki Kavita Kumar Vishwas – Koi deewana kehta hai, koi pagal samjhta hai (कुमार विशवास – कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है) कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है Koi deewana kehta hai lyrics Kumar Vishwas ki Kavita कोई दीवाना … Read more

Ek pagli ladki lyrics Kumar vishwas poetry

Ek pagli ladki lyrics Kumar vishwas poetry

Ek pagli ladki lyrics Kumar vishwas poetry पगली लड़की अमावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है,जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं,जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं,सब सोते हैं, हम रोते हैं,जब बार-बार दोहराने … Read more

Hothon Par Ganga Ho | Kumar Vishwas Poem

Hothon Par Ganga Ho | Kumar Vishwas Poem

Hothon Par Ganga Ho | Kumar Vishwas Poem Hothon Par Ganga Ho Haathon Me Tiranga Ho Kumar Vishwas Poem | ganga hindi poem lyrics होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो | कुमार विश्वास दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौलाबस इतना अता करना चाहे जन्नत … Read more

Baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita

baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita

baith jata hoon mitti pe aksar hindi kavita बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर…क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं हैपर सच कहता हूँ मुझमे कोई … Read more