हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago

हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago

हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago 1
हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago – ashutosh rana kavita

फिल्म कलाकार : आशुतोष राणा जी ashutosh rana की यह कविता शरीर में जोश जगा देने वाली और शरीर के रोम रोम में देशभक्ति जगा देने वाली कविता है. पूरी कविता पढने के बाद सच में पूरा का पूरा मन,तन, शरीर में देश को समर्पित का भाव उठ जाता है. ऐसी कविता ashutosh rana जी ने लिखा है.

ashutosh rana kavita

स्वर्गीय श्री श्याम सुंदर रावत जी द्वारा लिखित यह कविता है.

हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago
हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago

हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago

हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ,
सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ ।
सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में
आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में,
खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर, आज तुम्हे ललकार रही,

सोये सिंह जगो भारत के, माता तुम्हे पुकार रही ।
रण की भेरी बज रही, उठो मोह निद्रा त्यागो,
पहला शीष चढाने वाले, माँ के वीर पुत्र जागो।
बलिदानों के वज्रदंड पर, देशभक्त की ध्वजा जगे,
और रण के कंकण पहने है, वो राष्ट्रभक्त की भुजा जगे ।।

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अग्नि पंथ के पंथी जागो, शीष हथेली पर धरकर,
जागो रक्त के भक्त लाडले, जागो सिर के सौदागर,
खप्पर वाली काली जागे, जागे दुर्गा बर्बंडा,
और रक्त बीज का रक्त चाटने, वाली जागे चामुंडा ।

नर मुंडो की माला वाला, जगे कपाली कैलाशी,
रण की चंडी घर घर नाचे, मौत कहे प्यासी प्यासी,
रावण का वध स्वयं करूँगा, कहने वाला राम जगे,
और कौरव शेष न एक बचेगा, कहने वाला श्याम जगे ।।

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Ram ji ki Nikali Sawari hindi lyrics

परशुराम का परशु जगे, रघुनन्दन का बाण जगे ,
यदुनंदन का चक्र जगे, अर्जुन का धनुष महान जगे,
चोटी वाला चाणक्य जगे, पौरुष का पुरष महान जगे
और सेल्यूकस को कसने वाला, चन्द्रगुप्त बलवान जगे ।

हठी हमीर जगे जिसने, झुकना कभी नहीं जाना,
जगे पद्मिनी का जौहर, जागे केसरिया बाना,
देशभक्ति का जीवित झण्डा, आजादी का दीवाना,
और वह प्रताप का सिंह जगे, वो हल्दी घाटी का राणा ।।

दक्खिन वाला जगे शिवाजी, खून शाहजी का ताजा,
मरने की हठ ठाना करते, विकट मराठो के राजा,
छत्रसाल बुंदेला जागे, पंजाबी कृपाण जगे,
दो दिन जिया शेर के माफिक, वो टीपू सुल्तान जगे ।

कनवाहे का जगे मोर्चा, जगे झाँसी की रानी,
अहमदशाह जगे लखनऊ का, जगे कुंवर सिंह बलिदानी,
कलवाहे का जगे मोर्चा, पानीपत मैदान जगे,
जगे भगत सिंह की फांसी, राजगुरु के प्राण जगे ।।

जिसकी छोटी सी लकुटी से (बापू ), संगीने भी हार गयी,
हिटलर को जीता वे फौजेे, सात समुन्दर पार गयी,
मानवता का प्राण जगे, और भारत का अभिमान जगे,
उस लकुटि और लंगोटी वाले, बापू का बलिदान जगे।

आजादी की दुल्हन को जो, सबसे पहले चूम गया,
स्वयं कफ़न की गाँठ बाँधकर, सातों भावर घूम गया,
उस सुभाष की शान जगे, उस सुभाष की आन जगे,
ये भारत देश महान जगे, ये भारत की संतान जगे ।।

पेड़ की तरह हमारे माता पिता Mata Pita Kavita इस कविता को जरुर पढ़े दिल को छू जायेगा.

क्या कहते हो मेरे भारत से चीनी टकराएंगे ?

क्या कहते हो मेरे भारत से चीनी टकराएंगे ?
अरे चीनी को तो हम पानी में घोल घोल पी जाएंगे,
वह बर्बर था वह अशुद्ध था, हमने उनको शुद्ध किया,

वह बर्बर था वह अशुद्ध था, हमने उनको शुद्ध किया,
हमने उनको बुद्ध दिया था, उसने हमको युद्ध दिया ।

आज बँधा है कफ़न शीष पर, जिसको आना है आ जाओ,
चाओ-माओ चीनी-मीनी, जिसमें दम हो टकराओ
जिसके रण से बनता है, रण का केसरिया बाना,
ओ कश्मीर हड़पने वाले, कान खोल सुनते जाना ।।

भारत के केसर की कीमत तो केवल सर है
कोहिनूर की कीमत जूते पांच अजर अमर हैं
रण के खेतो में जब छायेगा, अमर मृत्यु का सन्नाटा,

रण के खेतो में जब छायेगा, अमर मृत्यु का सन्नाटा,
लाशो की जब रोटी होंगी, और बारूदों का आटा,
सन सन करते वीर चलेंगे, जो बामी से फन वाला,
फिर चाहे रावलपिंडी वाले हो, या हो पेकिंग वाला ।

जो हमसे टकराएगा, वो चूर चूर हो जायेगा,
इस मिटटी को छूने वाला, मिटटी में मिल जायेगा,
मैं घर घर में इन्कलाब की, आग लगाने आया हूँ,
हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूं ।। – 2

हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago : Credit : Sahitya Tak

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Vah re jamane teri had ho gai वाह रे जमाने तेरी हद हो गई

हे भारत के राम जागो का English में लिरिक्स – ashutosh rana kavita

he bharat ke ram jago, vo bhaarat ke raam jaago

he bharat ke ram jago, main tumhe jagaane aaya hoon,
sau dharmon ka dharm ek, balidaan dena aa gaya.
suno himaalay kaid hua hai, dushman kee janjeeron mein
aaj bata do kaise paanee, kya bhaarat ke veero mein hai,
khadee shatru kee phauj dvaar par, aaj tum lalakaar rahee,

soye sinh jago bhaarat ke, maata tum pukaar rahee.
ran kee bheree baj rahee, utho moh neend utaro,
pratham sheesh chadhaane vaale, maan ke veer putr jaago.
balidaanon ke vajradand par, deshabhakt kee dhvaja jage,
aur ran ke kankan pahane hue, vo raashtrabhakt kee bhuja jage .. he bharat ke ram jago

agni panth ke panthee jaago, sheesh hathelee par pahunchakar,
jaago rakt ke bhakt laadale, jaago sir ke saudaagar,
khappar vaalee kaalee jaageer, jaaga durga barbanda,
aur rakt bee ka rakt chaatane, jaage chaamunda.

nar mundo kee maala vaala, jage kapaalee kailaashee,
ran kee aagantuk grh ghar naache, mrtyu kahe pyaasee pyaasee,
raavan ka vadh svayan karoonga, kahane vaala raam jage,
aur kaurav shesh na ek bachega, kahane vaala shyaam jage .. he bharat ke ram jago

yah jaroor padhe: yah kahata hai ki bhaarat me dar lagata hai ki bhaarat mujhe dar lag raha hai

he bharat ke ram jago

parashuraam ka parashu jage, raghunandan ka baan jage,
yadunandan ka chakr jage, arjun ka dhanush mahaan jage,
sheersh vaala chaanaky jage, paurush ka prabhash mahaan jage
aur selyookas ko kasane vaala, chandragupt balavaan jage.

hathee hameer jage ne, jhukana kabhee nahin jaana,
jage padminee ka jauhar, jaage kesariya baana,
deshabhakti ka jeevit jhanda, aajaadee ka deevaana,
aur vah prataap ka sinh jage, vo haldee ghaatee ka raana .. he bharat ke ram jago

dakkhin vaala jage shivaajee, khoon kharaab shaahajee ka taaja,
marane kee hath thaana karate, vikat maraatho ke raaja,
chhatrasaal bundela jaage, panjaabee krpaan jage,
do din jiya sher ke divik, vo teepoo sultaan jage.

kanavaahe ka jage morcha, jage jhaansee kee raanee,
ahamadashaah jage lakhanoo ka, jage kunvar sinh balidaanee,
kalavaahe ka jage morcha, paaneepat maidaan jage,
jage bhagat sinh kee phaansee, raajaguru ke praan jage .. he bharat ke ram jago

jisakee chhotee see lakutee se (baapoo), sangeene bhee haar gayee,
hitalar ko jeet ve phauje, saat samundar paar joda,
maanavata ka praan jage, aur bhaarat ka abhimaan jage,
us lakutee aur langotee vaale, baapoo ka balidaan jage.

aajaadee kee dulhan ko jo, sabase pahale choom gaya,
svayan kafan kee gaanth baandhakar, saaton bhaavar ghoom rahee thee,
us subhaash kee shaan jage, us subhaash kee aan jage,
ye bhaarat desh mahaan jage, ye bhaarat ke sant jage .. he bharat ke ram jago

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kya kahate ho mere bhaarat se cheenee takaraenge?

kya kahate ho mere bhaarat se cheenee takaraenge?
are cheenee ko to ham paanee mein ghol ghol pee lenge,
vah barbar tha vah ashuddh tha, hamane unhen shuddh kiya,

vah barbar tha vah ashuddh tha, hamane unhen shuddh kiya,
hamane unhen buddh diya tha, unhonne hamako yuddh diya. he bharat ke ram jago

aaj bandha hai kafan sheesh par, jisako aa jao,
chao-mao cheenee-meenee, jisamen ho ho takarao
jisake baare mein ran se banata hai, ran ka kesariya baana,
o kashmeer hadapane vaale, kaan khol sunate jao ..

bhaarat ke kesar kee keemat to keval sar hai
kohinoor kee keemat ke joote paanch ajaar amar hain
ran ke kheto mein jab chhaayare, amar mrtyu ka sannaata, he bharat ke ram jago

ran ke kheto mein jab chhaayare, amar mrtyu ka sannaata,
beto kee jab rotee hogee, aur baaroodon ka aata,
san san karate veer chalenge, jo baamee se phan vaala,
phir chaahe raavalapindee vaale hon, ya peking vaale hon.

jo hamase takaraega, vo choor choor ho jaega,
is mitatee ko chhoone vaala, mitatee mein mil jaega,
main ghar ghar mein inkalaab kee, aag lagaane vaala hoon,
he bharat ke ram jago, main tumase jagaane aaya hoon .. – 2 he bharat ke ram jago

आशुतोष राणा जी जी किताब “मौन मुस्कान की मार” की कुछ पक्तियां

मैंने और अधिक उत्साह से बोलना शुरू किया, ‘‘भाईसाहब, मैं या मेरे जैसे इस क्षेत्र के पच्चीस-तीस हजार लोग लामचंद से प्रेम करते हैं, उनकी लालबत्ती से नहीं।’’ मेरी बात सुनकर उनके चेहरे पर एक विवशता भरी मुसकराहट आई, वे बहुत धीमे स्वर में बोले, ‘‘प्लेलना (प्रेरणा) की समाप्ति ही प्लतालना (प्रतारणा) है।’’ मैं आश्चर्यचकित था, लामचंद पुनः ‘र’ को ‘ल’ बोलने लगे थे।

इस अप्रत्याशित परिवर्तन को देखकर मैं दंग रह गया। वे अब बूढ़े भी दिखने लगे थे। बोले, ‘‘इनसान की इच्छा पूलती (पूर्ति) होना ही स्वल्ग (स्वर्ग) है, औल उसकी इच्छा का पूला (पूरा) न होना नलक (नरक)। स्वल्ग-नल्क मलने (मरने) के बाद नहीं, जीते जी ही मिलता है।’’ मैंने पूछा, ‘‘फिर देशभक्ति क्या है?’’ अरे भैया! जरा सोशल मीडिया पर आएँ, लाइक-डिस्लाइक (like-dislike) ठोकें, समर्थन, विरोध करें, थोड़ा गालीगुप्तार करें, आंदोलन का हिस्सा बनें, अपने राष्ट्रप्रेम का सबूत दें।

तब देशभक्त कहलाएँगे। बदलाव कोई ठेले पर बिकनेवाली मूँगफली नहीं है कि अठन्नी दी और उठा लिया; बदलाव के लिए ऐसी-तैसी करनी पड़ती है और की पड़ती है। वरना कोई मतलब नहीं है आपके इस स्मार्ट फोन का। और भाईसाहब, हम आपको बाहर निकलकर मोरचा निकालने के लिए नहीं कह रहे हैं; वहाँ खतरा है, आप पिट भी सकते हैं। यह काम आप घर बैठे ही कर सकते हैं,

अभी हम लोगों ने इतनी बड़ी रैली निकाली कि तंत्र की नींव हिल गई, लाखों-लाख लोग थे, हाईकमान को बयान देना पड़ा। मैंने कहा कि यह सब कहाँ हुआ, बोले कि सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी ‘थू-थू रैली’ थी कि उनको बदलना पड़ा। प्रसिद्ध सिनेमा अभिनेता आशुतोष राणा के प्रथम व्यंग्य-संग्रह ‘मौन मुस्कान की मार’ के अंश|.

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धन्यवाद!

4 thoughts on “हे भारत के राम जगो He Bharat Ke Ram Jago”

  1. Hello Friends,

    Please watch this video as well… A small little girl tried to recited this motivational and famous poem(Hey Bharat Ke Ram Jago) written by Late Shree. Shyam Sunder Rawat.

    https://youtu.be/hR2tuaOukj0

    Hope you guys will like it… and please encourage her by liking her video.

    Reply
  2. कविता जो सुनाई जा रही है वो स्वर्गीय श्री श्याम सुंदर रावत जी की है। कृपा कर के इस सुंदर कविता के लिए कवि का नाम भी लिख दें।

    Reply
    • आपका बहुत बहुत धन्यवाद. इसपर आपके सुझाव देने के लिए

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