राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem

राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem

राष्‍ट्रगान  Jan Gan Man National anthem
राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem

राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem : Rashtragan Jan Gan Man और राष्ट्रगीत वन्दे मातरम को लेकर यह विवाद होता रहा की दोनों गीतों में से राष्‍ट्रगान और राष्ट्रगीत का दर्जा किसे दिया जाये, अन्तः जन गन मन को राष्‍ट्रगान का दर्जा दिया गया, पर जन गन मन के पांचो पद में से पहले पद को ही राष्‍ट्रगान का दर्जा दिया गया है.

What is Our National Anthem?

Why Jan Gan Man is our National Anthem?

Who had written National Anthem Jan Gan Man?

इन प्रश्नों के राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem यह पोस्ट में जवाब देखते है.

राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem
राष्‍ट्रगान  Jan Gan Man National anthem

Rabindranath Tagore

Born May 7, 1861 and died August 7, 1941, Calcutta Bengali poet, short-story writer, song composer, playwright, essayist, and painter who introduced new prose and verse forms and the use of colloquial language into Bengali literature, In 1913 he became the first non-European to receive the Nobel Prize for Literature.

राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem जन गण मन आजादी के बाद पहली बार २४ जनवरी १९५० में भारतीय संविधान में राष्ट्रगान के तौर पर स्वीकारा गया. इसके पहले २७ दिसंबर १९११ में पहली बार कोलकाता अधिवेशन में गाया गया. हालांकि इसे साल 1905 में बंगाली में लिखा गया था. सन १९१२ राष्ट्रगान का प्रकाशन भाग्य विधाता शीर्षक से तत्व बोधनी पत्रिका में हुआ था. इसे रविन्द्र टैगोर जी ने अपनी एक कविता में लिखा था.

जन गण मन को इसके अर्थ की वजह से राष्ट्रगान बनाया गया. परन्तु इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था, इसके कुछ अंशों का अर्थ होता है कि भारत के नागरिक, भारत की जनता अपने मन से आपको भारत का भाग्य विधाता समझती है. हे अधिनायक (सुपरहीरो) तुम्ही भारत के भाग्य विधाता हो. इसके साथ ही इसमें देश के अलग- अलग राज्यों का जिक्र भी किया गया था और उनकी खूबियों के बारे में बताया गया था.

विवादों में होने कारण यह बताया जाता रहा की रवीन्द्रनाथ टैगोर जी इस कविता को रानी विक्टोरिया के समक्ष गाये थे जिसमे बताते है रवीन्द्रनाथ जी इस कविता में रानी विक्टोरिया का गुणगान कर रहे है, बाद उनकी काफी आलोचना भी हुआ था, इस कारण रवीन्द्रनाथ जी अपनी सर की उपाधि लौटा भी दिए थे, इस विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दिए की लोग जैसा मान रहे है वैसा कुछ नहीं नहीं है.

बता दें, वदेंमातरम को भी राष्ट्रगान बनाने की बात कही जा रही थी लेकिन उसे राष्ट्रगीत बनाया गया क्योंकि उसकी शुरुआती चार लाइन ही देश को समर्पित हैं बाद की लाइने बंगाली भाषा में हैं और मां दुर्गा की स्तुति की गई है. किसी भी ऐसे गीत को राष्ट्रगान बनाना उचित नहीं समझा गया जिसमें देश का न होकर किसी देवी-देवता का जिक्र हो. इसलिए वंदे मातरम को राष्ट्रगान ना बनाकर राष्ट्रगीत बनाया गया.

बता दें कि राष्ट्रगान को पूरा गाने में 52 सेकेंड का समय लगता है जबकि इसके संस्‍करण को चलाने की अवधि लगभग 20 सेकंड है. राष्ट्रगान में 5 पद हैं. रवींद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान को ना केवल लिखा बल्कि उन्होंने इसे गाया भी. इसे आंध्र प्रदेश के एक छोटे से जिले मदनपिल्लै में गाया गया था.

पूरा जन गण मन के पांचो पद :- राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem

जनगणमन-अधिनायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छलजलधितरंग
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जयगाथा।
जनगणमंगलदायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

अहरह तव आह्वान प्रचारित, शुनि तव उदार बाणी
हिन्दु बौद्ध शिख जैन पारसिक मुसलमान खृष्टानी
पूरब पश्चिम आसे तव सिंहासन-पाशे
प्रेमहार हय गाँथा।
जनगण-ऐक्य-विधायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

पतन-अभ्युदय-वन्धुर पन्था, युग युग धावित यात्री।
हे चिरसारथि, तव रथचक्रे मुखरित पथ दिनरात्रि।
दारुण विप्लव-माझे तव शंखध्वनि बाजे
संकटदुःखत्राता।
जनगणपथपरिचायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

घोरतिमिरघन निविड़ निशीथे पीड़ित मूर्छित देशे
जाग्रत छिल तव अविचल मंगल नतनयने अनिमेषे।
दुःस्वप्ने आतंके रक्षा करिले अंके
स्नेहमयी तुमि माता।
जनगणदुःखत्रायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

रात्रि प्रभातिल, उदिल रविच्छवि पूर्व-उदयगिरिभाले –
गाहे विहंगम, पुण्य समीरण नवजीवनरस ढाले।
तव करुणारुणरागे निद्रित भारत जागे
तव चरणे नत माथा।
जय जय जय हे जय राजेश्वर भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

इन पांच पदों में से शुरुवात के एक पद को राष्ट्रगान के रूप में मान्यता मिली है. राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem

Singing National Anthem, 3 years old girl Astha Prasad student of Sanskar Preschool, Andheri, Mumbai राष्‍ट्रगान Jan Gan Man National anthem
  • राष्ट्रगान को गाते समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए, वे इस प्रकार है –
  1. राष्ट्रगान को जब भी गाया या बजाया जाये, श्रोताओं का खड़ा होना अनिवार्य है.
  2. राष्ट्रगान को गाने या बजाने से पहले सुचना देना अनिवार्य है.
  3. परेड की सलामी, सेना के कार्यक्रम के द्वारा राष्ट्रगान गाया जाता है.
  4. झंडा फहराते समय राष्ट्रगान गाना अनिवार्य है.
  5. विद्यालय, सरकारी कार्यालयों में दिन की शुरुवात राष्ट्रगान के द्वारा की जा सकती है.
  6. राष्ट्रगान की महिमा, गौरव, आदर का ज़िम्मा हर एक नागरिक का होता है.

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