mat kato mat chhal utaro वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो

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Poem on Tree Tree of life

Poem on Importance of Tree

इस आधुनिक युग में हम बेकसूर पेड़ों को काटे जा रहे है जिसके परिणाम हम अब महसूस भी करने लगे है.यह कविता में वृक्ष मनुष्य से निवेदन कर रहा उसे मत काटो मत छाल उतारो….

uses of trees in our daily life

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mat kato mat chhal utaro वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो

मत काटो मत छाल उतारो,
मुझको पत्थर से मत मरो
फल तो ऐसे भी देता हूँ,
कब किसी को रोका,
जग कि सेवा कर लेने दो,
मुझको पत्थर से मत मरो

थके प्यासे राही आकर,
छाव मेरी वो लेते है,
नहीं पूछता धर्म किसी का, नहीं देखता रंग किसी का,
शुद्ध हवा और प्राण वायु इन्हें मैं देता हूँ,
मत काटो मत छाल उतारो,
मुझको पत्थर से मत मरो,

छोटे छोटे बच्चे आकर,
फल और फूलों के तोड़ ले जाते,
रोता हूँ मेरे बच्चों को देख,
पर खुश हो जाता तुम्हारे बच्चों कि मुस्कान देख,

नहीं कोसता कभी तुम्हे,
जब तुम आते मुझे काटने,
मत काटो मत छाल उतारो,
मुझको पत्थर से मत मरो,

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मेरा घर बर्बाद कर
अपना घर बनाते हो,
मेरी छाया में बैठ अपना दुःख दर्द बांटते हो,
अपनी प्यारी प्यारी बातों को बैठ मुझे बतलाते हो,

फिर पता नहीं कुछ रोज बाद,
तुम मुझे काटने आ जाते हो,
मत काटो मत छाल उतारो,
मुझको पत्थर से मत मरो

मुझे माफ़ करों मैं न कभी तुम्हे टोकूंगा,
ले जाओ मेरे प्यारे फल फुल
मैं न कभी रोऊंगा,
पर मत काटो मत छाल उतारो,
मुझको पत्थर से मत मरो
जग कि सेवा कर लेने दो,
मुझको पत्थर से मत मरो

Essay on Tree for Every class and standard

mat kato mat chhal utaro वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो

mat kaato mat chhaal utaaro,
mujhako patthar se mat maro
phal to aise bhee deta hoon,
kab kisee ko roka,
jag ki seva kar lene vaala,
mujhako patthar se mat maro

thake pyaase raahee aakar,
chhaav meree vo lete hai,
nahin poochhatee dharm kisee ka, nahin dekhata rang kisee ka,,
shuddh hava aur praan vaayu inhen main deta hoon,
mat kaato mat chhaal utaaro,
mujhako patthar se mat maro,

chhote chhote bachche aakar,
phal aur phool ke tod le jao,
rota hoon mere bachchon ko dekh raha hoon,
par khush ho jaata hai aapake bachche ki muskaan dekh,

nahin kosata kabhee tum,
jab aap mujhe kaatane aate hain,
mat kaato mat chhaal utaaro,
mujhako patthar se mat maro,

mera ghar kaam kar raha hai
apana ghar banao,
meree chhaaya mein baith apana duhkh dard baantate ho,
apanee pyaaree pyaaree baaton ko baithate hue mujhe manaalaate ho,

phir pata nahin kuchh roj baad,
tum mujhe kaatane aa jao,
mat kaato mat chhaal utaaro,
mujhako patthar se mat maro

mujhe maaf karon main na kabhee tumase tokoonga,
le mere pyaare phal phul
main na kabhee rooonga,
par mat kaato mat chhal utaaro,
mujhako patthar se mat maro
jag ki seva kar lene vaala,
mujhako patthar se mat maro

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वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो Poem on Tree

पेड़ पृथ्वी के फेफड़ों और हृदय की तरह हैं। वे ऐसी संपत्ति हैं जो धरती को स्वस्थ और सुन्दर रखती हैं।
पेड़ हमारे लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषित करते हैं और हमें सांस लेने के लिए ताजा ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। जिसे हम प्राण वायु कहते है.
मनुष्य जाति वृक्षों पर बहुत हद तक निर्भर हैं क्योंकि वे भोजन, फल ​​और सब्जियों और वायु के स्रोत हैं।

हमें दवाइयाँ, लकड़ी, लकड़ी से बने पेपर, घर के सामान और बहुत सारी चीजें पेड़ों से मिलती हैं।
वे मनुष्यों को छाया और शुद्ध हवा के साथ साथ वन्यजीवों को आवास भी देते हैं।
वे पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं। जैसे, जब यह बहुत गर्म हो जाता है, तो पेड़ बारिश करने में मदद करते हैं। वे गंभीर जलवायु परिवर्तन से लड़ते हैं।

पेड़ धरती माँ को सुंदरता देते हैं। अधिक पेड़ लगाने से पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता भी बढ़ेगी।
पेड़ जल प्रदूषण से लड़ते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। वे प्रदूषकों को जल स्रोतों में बहने से रोकते हैं।
जिस तरह से हम ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण का बचाव कर सकते हैं, वह पेड़ों को बचाने और पेड़ों को अधिक से अधिक लगाने और उन्हें बड़े होने में मदद करने से होगा।
पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ!

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धन्यवाद!

1 thought on “mat kato mat chhal utaro वृक्ष मत काटो मत छाल उतारो”

  1. I read your content which is very useful. I got much information about trees. We know 2.47 million trees are being cut down every day. You are trying to spread awareness that is a superb action. SAVE TREE AND SAVE WORLD.

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